Navratri
1. नवरात्रि ( Navratri festival 2021) किस तरह मनानी चाहिए ?
जैसे की सभी हर साल "नवरात्रि" मनाते है तथा Navratri 2021 और 9 दिन तक व्रत रखते हैं। अलग-अलग तरह माता की मूर्तियां रखते हैं उनकी पूजा, व्रत, उपासना (Navratri vart) करते है। अलग-अलग प्रकार के रंग बिरंगे कपड़े पहनते हैं और गरबा खेलते हैं। नव दुर्गा के रूप में नौ दिन मनाते हैं। लेकिन कुछ पाखंडी अपना पाखंड दिखाते हैं और वे जवानों की बलि मांगते हैं और भोले श्रद्धालु दे भी देते हैं। ताकि माता जी खुश हो जाएं और उनका परिवार खुशहाल रहे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है किसी की बलि देने से हमें वास्तव में खुशी मिलती है? अगर बली देने से भगवान खुश होते तो अपनी संतान की बलि देकर देखो।
2. संसार में सब दुर्गा जी को माता दुर्गा जी कहकर क्यों संबोधित करते हैं ?
दुर्गा जी को त्रिदेव जननी भी कहते हैं। ब्रह्मा विष्णु महेश की माता है दुर्गा जी।
3. दुर्गा माता जी इतना सिंगार करती हैं क्या उनके भी पति हैं ?
जो स्त्री सुहागन होती है वही श्रृंगार करती है। इसका मतलब माता दुर्गा जी भी सुहागन है। उनका पति जिसका नाम ज्योति निरंजन (काल) है।
4. नवरात्रि (Navratri news in Hindi) का त्यौहार मनाने का सही विधि कौन सी है ? आइए जानते हैं।
किसी भी त्योहार को मनाने से पहले जानकारी तक जान लेना जरूरी होता है। हम एक नवरात्रि (navratri kab hai) एक का त्यौहार ही नहीं बल्कि हम यह भी दर्शाते हैं कि हमारे देवी ऐसे दिखते थे उन्होंने ऐसा काम किया और सही जानकारी लेने के लिए हमें शास्त्रों का जानकारी होना बहुत ही आवश्यक है दुर्गा जी से लाभ पाने का वास्तविक मंत्र केवल संत रामपाल जी महाराज ही बता सकते हैं शास्त्रों से प्रमाणित करके।
5. क्या आप जानते हैं ? हमारे हिंदू धर्म के शास्त्रों में कहीं भी नवरात्रि मनाने का प्रमाण नहीं बताया गया है?
किसी के धर्म के बारे में जानकारी के लिए हमें सबसे पहले उस धर्म के पवित्र शास्त्रों की जानकारी लेनी चाहिए।
वेद में कहीं भी नवरात्रि पूजन का जिक्र नहीं है स्वयं दुर्गा जी देवी भागवत पुराण (स्कंद 7 अध्याय 36, पृष्ठ 563) हिमालय को ज्ञान उपदेश देते वक्त खाती है कि "उस एकमात्र परमात्मा को जानो बाकी सब बातों को छोड़ दो। अमृत रूप परमात्मा तक पहुंचाने का एक पुल है।"
6. क्या दुर्गा जी हमारे सभी दुखों का निवारण कर सकती हैं?
हिंदू धर्म के अनुसार 33 करोड़ देवी देवता होते हैं। सोचने की बात यह है जिस धर्म में 33 करोड़ देवी देवता है आज के वक्त में कोई सुखी नहीं है। इसी कारण सभी लोग भटक रहे हैं
आज इस देवता के पास कल उस देवी के पास फिर भी निराश रहते हैं लोग दुर्गा जी की भी पूजा करते करते लोगों का कष्ट दूर नहीं होता। क्योंकि उन से लाभ पाने के लिए सही मंत्र सही साधना की विधि नहीं है किसी के पास। पूर्ण लाभ तो केवल पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी की भक्ति से ही मिल सकता है।
7. दुर्गा जी ने किसी और प्रभु की भक्ति करने (navratri puja vidhi) के लिया कहा है।
माता दुर्गा जी खुद बता रही है श्रीमद्भागवत के स्कंध सातवे (अध्याय 36 पृष्ठ 563) में किसी और प्रभु की पूजा करने के लिए। आखिर कौन है वह प्रभु जिसके लिए देवी जी ने बोला है ?
सभी शास्त्रों में प्रमाण है । कबीर साहेब ही परमात्मा है।
फजाइले जिक्र में आयत नं 1,2,3,6 और 7 में स्पष्ट प्रमाण है की तुम कबीर अल्लाह की बड़ाई बयान करो। वह कबीर अल्लाह तमाम पोसीदा और और जाहिर चीजों को जानने वाला है और वह कबीर है और आलीशान रुतबे वाला है।
पवित्र अथर्व वेद कांड नं. 4 अनुवाक नं 1 मंत्र 7 इस मंत्र में यह भी स्पष्ट कर दिया उस परमेश्वर का ना कविर्देव अर्थात कबीर परमेश्वर है। जिसने सर्व रचना की है। जो परमेश्वर अचल अर्थात वास्तव में अविनाशी है।
पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) तीसरे मुक्ति धाम अर्थात सतलोक में रहता है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 96 मंत्र 18।
कबीर परमात्मा सम्पूर्ण शांतिदायक है - यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 ।
पवित्र बाइबल में भगवान का नाम कबीर जी है- अय्यूब 36:5 और भी बहुत सारे प्रमाण है हमारे शास्त्रों में।
अधिक जानकारी के लिए पढ़िए पुस्तक "जीने की राह"
जीने की राह |
Nice
ReplyDeleteOn this Navratri, definitely know which is the basic mantra to please Goddess Durga, by which the goddess gives the desired benefit to the seeker.
ReplyDeleteMust read Gyan Ganga to know.
Anmol vachan nice
ReplyDeleteपूर्ण परमात्मा की जानकारी तत्वदर्शी संत बता सकते हैं जो स्वंय पूर्ण परमात्मा ही होता है। देवी भागवत महापुराण में देवी जी यानि दुर्गा जी अपने से अन्य किसी और भगवान की भक्ति करने के लिये कहती हैं। इससे स्पष्ट है कि देवी जी यानि दुर्गा जी से भी ऊपर अन्य कोई भगवान है जिसकी भक्ति करने के लिये दुर्गा जी निर्देश दे रही हैं।
ReplyDeleteअधिक जानकारी के लिए अवश्य पढ़ें ज्ञान गंगा।
जब ब्रह्मा जी ने वेदों को पढ़ा तो बह्मा जी माता दुर्गा जी से पूछते हैं कि हे माते वेद परमेश्वर कृत हैं, मैंने वेदों में पढ़ा है कि कोई और परम शक्ति है।
ReplyDeleteउस पूर्ण परमेश्वर की जानकारी के लिए अवश्य पढ़ें ज्ञान गंगा।